प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक एवं नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए। सौर ऊर्जा,जल संरक्षण,पर्यावरण संरक्षण,विद्युत उत्पादन,मानव शरीर रचना, डिजिटल तकनीक तथा अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित मॉडलों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिससे उनकी वैज्ञानिक सोच एवं रचनात्मक क्षमता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
इस अवसर पर हिन्डाल्को रेनुसागर ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी संजीव श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों में जिज्ञासा,तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाजहित में अपने ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।वही हिंडालको रेनुसागर के इंजीनियर आशीष पांडेय एवं रवि कुमार विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से विद्यालय के बच्चों को तकनीकी ज्ञान कराते हुए कहा कि हम विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के लिए करें। नई तकनीकों को अपनाते हुए हमें सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी ध्यान में रखना होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जय प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों की प्रतिभा निखरती है तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। अंत में उत्कृष्ट मॉडलों को पुरस्कृत कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं सविता सिंह,सुनीता प्रकाश,विवेक प्रताप सिंह,संतोष बैश्य,श्रीपाल बर्मा,सुनीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।