अनपरा/सोनभद्र। भारतीय खेल जगत के युगपुरुष व हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की पावन जयंती के उपलक्ष्य में,ककरी परियोजना स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल,परासी के प्रांगण में राष्ट्रीय खेल दिवस अत्यंत उल्लास,उमंग और प्रेरणादायी वातावरण में मनाया गया।
समारोह का शुभारंभ व श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रचना दुबे द्वारा मेजर ध्यानचंद के चित्र पर श्रद्धासुमन व माल्यार्पण अर्पित कर की गई। इस दौरान उन्होंने महान खिलाड़ी के राष्ट्रप्रेम, निष्ठा और अदम्य खेल कौशल का स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
खेल शिक्षक एसआर दास ने विद्यार्थियों को खेल भावना के महत्त्व से परिचित कराते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और अनुशासन का माध्यम हैं। उन्होंने वर्ष भर आयोजित होने वाली विभिन्न क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में पूरे मनोयोग से भागीदारी के लिए छात्रों को प्रेरित किया।
बारहवीं कक्षा की खेल कैप्टन नैना गुप्ता और कक्षा द्वितीय की नन्हीं छात्रा शिरीन यासीन ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि खेल शारीरिक सुदृढ़ता के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और चारित्रिक विकास के लिए अपरिहार्य हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं आकर्षण
समारोह में विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा देशप्रेम से ओत-प्रोत गीत “चक दे इंडिया” पर प्रस्तुत किए गए ओजस्वी समूह नृत्य ने पूरे वातावरण में ऊर्जा और उमंग का संचार कर दिया। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्या का संदेश
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या श्रीमती रचना दुबे ने आगामी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यालय के खिलाड़ियों को अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बल देते हुए कहा कि शिक्षा जहाँ व्यक्ति के विवेक को तराशती है,वहीं खेल उसके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं। समग्र विकास के लिए क्रीड़ा और अध्ययन दोनों का सामंजस्य
अनिवार्य है।
मंच संचालन
समारोह का सुरुचिपूर्ण और प्रभावी मंच संचालन कक्षा आठवीं की मेधावी छात्रा किरण यादव द्वारा किया गया। राष्ट्रगान के साथ इस गरिमामयी खेल महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।