झांसी। सामाजिक संस्था नव-प्रभात की महिला प्रकोष्ठ कृति अनुशासन निगरानी कमेटी वरिष्ठ जनों के दिशा निर्देश पर मिशन शक्ति फेस-5.0 के तहत संस्था प्रशिक्षकों द्वारा C.K.C एकेडमी झांसी में अध्यापक अध्यापिका सजगता हेतु पॉक्सो एक्ट -2012 ( यौन अपराधों से बालक बालिकाओं का संरक्षण) विषयक जन जागृति कार्यशाला का शुभारंभ सभी शिक्षार्थियों की सुरक्षा के प्रति सजग अध्यापक-सतर्क परिवेश-सुरक्षित बालहित की नीति समझाते हुए अध्यनरत बालक बालिकाओं की सुरक्षा व संरक्षण हेतु प्रति पल सजग एवं सतर्क रहने के आह्वान के साथ किया गया। पॉक्सो एक्ट जनजागृति कार्यशाला में विद्यालय प्रबंधन के लगभग 100 अध्यापक अध्यापिका उपस्थित रहे।
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला के मुख्य अतिथि विद्यालय प्रधानाचार्य फादर सहाय नाथन एवं विशिष्ट अतिथि उप प्रधानाचार्य सिस्टर लिली उपस्थित रहे।
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला की अध्यक्षता संस्था राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपम अग्रवाल ने की पॉक्सो एक्ट कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपम अग्रवाल ने उपस्थित विद्यालय अध्यापक अध्यापिकाओं को बाल हित में निर्धारित किए गए,पॉक्सो एक्ट- 2012 के तहत ( यौन अपराधों से बालक बालिकाओं की सुरक्षा व संरक्षण ) हेतु निर्धारित कानून बिंदुओं की जानकारी दी एवं सभी को सामान्य जीवन चर्या में घर परिवार के सदस्यों एवं अपरिचित लोगों के मध्य बालक बालिकाओं के साथ होने वाले गुड टच एवं बैड टच को पहचानने एवम सभी शिक्षार्थियों को स्वयं की सुरक्षा करने के लिए वह कैसे प्रोत्साहित करे संबंधी प्रमुख बिंदुओं की जानकारी पर प्रकाश डाला।
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला में संस्था प्रबंध निदेशक/अनुशासन प्रभारी सौरभ अवस्थी ने सभी अध्यापक अध्यापिकाओं को पोक्सो एक्ट-2012 के अंतर्गत निर्धारित 18 वर्ष से कम आयु के बालक बालिकाओं की सुरक्षा व संरक्षण के लिए निर्धारित किए गए कानून बिंदुओं को एक-एक कर अलग- अलग घटनाओं के उदाहरण संबंधी विचार संप्रेषण एक्टिविटी के माध्यम से व्यक्त किया एवं विद्यालय परिवेश में प्रत्येक बालक बालिकाओं की सुरक्षा के लिए वह आकस्मिक स्थिति का समाधान स्वयं कैसे करें संबंधित अनेकों लाभप्रद जानकारियां सभी अध्यापक अध्यापिकाओं को प्रदान की और सभी को समझाया कि यदि कभी किसी कारणवश उनकी जानकारी में दुष्कर्म दुर्व्यवहार या अनैतिक आचरण संबंधी कोई भी घटना सामने आती है तो वह किस प्रकार निष्पक्षता से प्रत्येक बिंदु की जांच करें पीड़ित बालक बालिका को अपने संरक्षण में लेकर भावनात्मक सुझाव सलाह परामर्श प्रदान करें एवं निष्पक्ष जांच बिंदुओं को पीड़ित छात्र छात्रा की पहचान को उजागर किए बिना विद्यालय प्रधानाचार्य के साथ गोपनीय चर्चा परिचर्चा करते हुए अभिभावक की सहमति प्राप्त कर प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला में अनुशासन संयोजिका अर्चना अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक अध्यापक अध्यापिका का यह प्रमुख दायित्व है कि वह प्रत्येक छात्र-छात्रा को यह शिक्षा नियमित प्रदान करें कि सामान्य जीवनचार्य में दुष्कर्म दुर्व्यवहार संबंधी किसी समस्या के शिकार यदि वह हो भी जाते हैं तो भी बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है बल्कि चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर अपनी शिकायत को दर्ज करवा कर या फिर निकटतम बाल कल्याण समिति कार्यालय में अपने अभिभावक के साथ जाकर लिखित शिकायत को दर्ज करवाते हुए अपने साथ होने वाले किसी भी गलत आचरण की जांच पड़ताल करवा सकते हैं।
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला में स्कूली अध्यापक अध्यापिकाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं एक-एक कर पॉक्सो एक्ट 2012 का अनुपालन करने संबंधी अपनी अपनी जिज्ञासाओं पर संस्था प्रशिक्षको से अनेक प्रश्न किए जिस पर उनके सभी प्रश्नों का उत्तर पॉक्सो एक्ट अधिनियम के तहत निर्धारित कानून बिंदुओं के अनुसार देकर सभी को निरुत्तर किया गया।
कार्यशाला समापन के अवसर पर विद्यालय प्रबंधन कमेटी ने संस्था के सार्थक प्रयासों की सराहना करते हुए उपस्थित संस्था सदस्यों को GUEST OF HOUNER के सम्मान से सम्मानित किया , जिस पर सभी अध्यापकों ने ताली बजाकर संस्था के सभी सदस्यों के प्रति अपनी वात्सल्यमयी भावनाएं प्रकट की।
कार्यशाला का संचालन अनुशासन संयोजिका अर्चना अग्रवाल ने किया। अंत में संस्था प्रबंध निदेशक/अनुशासन निगरानी प्रभारी सौरभ अवस्थी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
पॉक्सो एक्ट कार्यशाला में रूपम अग्रवाल कविता गुप्ता अर्चना अग्रवाल प्रिया अवस्थी विद्यालय प्रबंधन से अतुल कुमार,रक्षा सिंह, रोडनी डिसूजा,रजत रोडनी,रीना जेकब आदि सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष मीडिया विभाग के सभी सहयोगियों का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।